हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इमाम खुमैनी मेमोरियल ट्रस्ट कारगिल के महिला विभाग “बसीज ज़ैनबिया” के तत्वावधान में ज़ैनबिया हॉल, हाइदरी मोहल्ला करगिल में यौम-ए-अली असगर (अ) श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हज़रत इमाम हुसैन (अ) के छह माह के शिशु पुत्र हज़रत अली असगर (अ.) की महान कुर्बानी को श्रद्धांजलि दी गई।
इस कार्यक्रम में कारगिल के विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों शिशु बच्चों ने अपनी माताओं के साथ भाग लिया। यह आयोजन कर्बला की घटना के संदेश के प्रति श्रद्धा और अहले-बैत (अ.) से प्रेम का व्यावहारिक प्रदर्शन था।
मजलिस को संबोधित करते हुए आगा सय्यद मुस्तफा मूसवी ने हज़रत अली असगर (अ) की शहादत के महत्व और उसके सार्वभौमिक संदेश पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कर्बला के इस मासूम शहीद की कुर्बानी अन्याय के खिलाफ प्रतिरोध, सत्य और न्याय पर दृढ़ता तथा इंसाफ की स्थापना की एक अमर मिसाल है।
उन्होंने कहा कि हज़रत अली असगर (अ) की याद मोमिनों के दिलों में इंसानियत, इज़्ज़त, ईमान और इंसाफ जैसे मूल्यों को मजबूत करती है, जिनके लिए इमाम हुसैन (अ) और उनके वफादार साथियों ने कुर्बानियाँ दीं।
आगा सय्यद मुस्तफा मूसवी ने माता-पिता से अपील की कि वे अपनी संतान का पालन पोषण इस्लामी शिक्षाओं और अहले-बैत (अ) की सीरत के अनुसार करें, ताकि नई पीढ़ी धार्मिक और नैतिक मूल्यों से सुसज्जित हो सके।
कार्यक्रम के अंत में दुनिया में शांति, न्याय और मानवता की भलाई के लिए विशेष दुआएँ की गईं।
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